5 पिच-लंबाई गलतियाँ खिलाड़ी करते हैं
क्रिकेट पिच की लंबाई 22 गज, यानी 20.12 मीटर होती है। यह दूरी एक छोर के विकेट की मध्य रेखा से दूसरे छोर के विकेट की मध्य रेखा तक मापी जाती है। क्रिकेट पिच की मानक चौड़ाई 10 फीट, यानी लगभग 3.05 मीटर, रह...
5 पिच-लंबाई गलतियाँ खिलाड़ी करते हैं
क्रिकेट पिच की लंबाई 22 गज, यानी 20.12 मीटर होती है। यह दूरी एक छोर के विकेट की मध्य रेखा से दूसरे छोर के विकेट की मध्य रेखा तक मापी जाती है। क्रिकेट पिच की मानक चौड़ाई 10 फीट, यानी लगभग 3.05 मीटर, रहती है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आईसीसी और एमसीसी के नियम इसी माप को आधार मानते हैं। क्रिकेट प्रेमी पर इस जानकारी को समझते समय केवल 22 गज याद रखना काफी नहीं है, क्योंकि क्रीज, स्टंप और गेंदबाज की डिलीवरी दूरी भी खेल की रणनीति बदलती है। पिच को नापते समय विकेटों के बीच की दूरी देखें, बाहरी घास या पूरा मैदान नहीं। अभ्यास में पहले 20.12 मीटर की सीधी रेखा खींचें, फिर दोनों सिरों पर स्टंप और क्रीज की स्थिति तय करें।

क्रिकेट की पिच देखने में मैदान के बीच की एक साधारण पट्टी लगती है, लेकिन यहीं सबसे अधिक भ्रम पैदा होता है। आप टीवी पर 22 गज सुनते हैं, फिर कोई 20.12 मीटर कहता है और कभी-कभी कोई पूरी विकेट-क्षेत्र की लंबाई गिनने लगता है। सुनिए — यही वह हिस्सा है जो मायने रखता है: दोनों संख्याएँ सही हैं, बस माप की इकाई अलग है। यदि आप अभ्यास पिच बना रहे हैं, किसी स्थानीय क्लब के लिए क्षेत्र तैयार कर रहे हैं या क्रिकेट प्रेमी पर मैच समीक्षा पढ़कर रणनीति समझना चाहते हैं, तो विकेट से विकेट की दूरी को आधार बनाइए। यह क्रिकेट पिच बनाने की शुरुआती मार्गदर्शिका के साथ समझने पर और आसान हो जाता है।
अधिक जानकारी के लिए मानक माप और खेल की बुनियादी समझ यहां से मजबूत करें।
क्या-क्या मापा गया है?
क्रिकेट पिच की लंबाई, चौड़ाई, विकेटों की स्थिति, क्रीज और गेंदबाज के रन-अप को अलग-अलग समझना जरूरी है। मानक पिच 22 गज या 20.12 मीटर लंबी और 10 फीट या लगभग 3.05 मीटर चौड़ी होती है; यह माप टेस्ट, एकदिवसीय और ट्वेंटी-20 क्रिकेट में मूल रूप से समान रहता है। अंतर केवल मैच की अवधि, गेंद, फील्डिंग प्रतिबंध और पिच की तैयारी में आता है।
एमसीसी के नियमों में विकेटों के बीच की दूरी को 22 गज बताया गया है। मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के आधिकारिक नियम में क्रीज और विकेट क्षेत्र के संबंध में मूल निर्देश दिए गए हैं। नियमों की भावना को इस तरह समझिए: “पिच विकेटों के बीच का वह क्षेत्र है जिस पर खेल संचालित होता है।” इसलिए पिच को पूरे आउटफील्ड, बाउंड्री या गेंदबाज के शुरुआती रन-अप से मिलाना गलत है।
यहां तीन माप अलग-अलग रखें:
- विकेट से विकेट की मानक दूरी: 22 गज या 20.12 मीटर।
- पिच की मानक चौड़ाई: 10 फीट या करीब 3.05 मीटर।
- पॉपिंग क्रीज: विकेट की रेखा से 4 फीट या 1.22 मीटर आगे।
- गेंदबाज की क्रीज: विकेट के समानांतर रेखा, जिसकी स्थिति गेंदबाज के पैर के नियम से जुड़ती है।
यह छोटा-सा अंतर नेट अभ्यास में बड़ा असर डालता है। यदि पॉपिंग क्रीज को विकेट से 4 फीट के बजाय 3 या 5 फीट पर खींच दिया जाए, तो बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों की धारणा बदल जाती है। लॉर्ड्स, मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम और अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम जैसे मैदानों में सतह अलग हो सकती है, मगर मूल पिच माप 22 गज ही रहता है।
शुरुआती समझ और पहला निरीक्षण कैसे करें?
क्रिकेट पिच की पहली जांच में 22 गज की सीधी दूरी, 10 फीट की चौड़ाई, दोनों विकेटों का केंद्र और क्रीज की समानांतर रेखाएं देखी जाती हैं। केवल आंख से अनुमान लगाना पर्याप्त नहीं; मापने वाली फीता, चिह्नित रस्सी और समतल सतह का उपयोग अधिक विश्वसनीय परिणाम देता है।
आप जब किसी मैदान पर पहुंचते हैं, तो पहले पिच के दोनों सिरों पर लगे स्टंप देखें। स्टंप की तीन लकड़ियां अपने-अपने विकेट पर खड़ी होती हैं और उनके बीच का केंद्र माप की मुख्य धुरी बनता है। एक छोर के मध्य स्टंप से दूसरे छोर के मध्य स्टंप तक दूरी 20.12 मीटर होनी चाहिए। यहां एक उपयोगी, अक्सर छूट जाने वाली बात है: 22 गज को 20.12 मीटर में बदलते समय 1 गज को 0.9144 मीटर मानना पड़ता है; गोल करके 20 मीटर लिख देना अभ्यास के लिए चल सकता है, आधिकारिक निर्माण के लिए नहीं।
सतह की जांच भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। आईसीसी के अंतरराष्ट्रीय मैचों में पिच की कठोरता, नमी, घास, दरारें और उछाल पर क्यूरेटर की रिपोर्ट असर डालती है, लेकिन इनमें से कोई भी चीज पिच की लंबाई नहीं बदलती। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की आधिकारिक वेबसाइट खेल परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के संदर्भ में भरोसेमंद स्रोत है। क्रिकेट प्रेमी की रणनीति संबंधी सामग्री पढ़ते समय पिच की लंबाई को सतह की गुणवत्ता से अलग रखिए; यही वह बारीक अनुशासन है जिसे नए खिलाड़ी अक्सर छोड़ देते हैं।
सही माप लेने की व्यावहारिक प्रक्रिया इस प्रकार रखें:
- मैदान के केंद्र में दोनों विकेटों की सीध पहचानें।
- मध्य स्टंप से मध्य स्टंप तक 20.12 मीटर नापें।
- दोनों सिरों पर विकेट की चौड़ाई और क्रीज की दिशा जांचें।
- प्रत्येक पॉपिंग क्रीज को संबंधित विकेट की रेखा से 1.22 मीटर आगे चिह्नित करें।
- अंत में पिच की चौड़ाई 3.05 मीटर के आसपास सुनिश्चित करें।
मानक बनाने के दौरान इन चरणों को लिखित रूप में रखना बेहतर है, खासकर स्कूल, क्लब या जिला क्रिकेट मैदान में। किसी पुराने मैदान में पिच की मिट्टी बैठ जाने से रेखाएं तिरछी दिख सकती हैं, जबकि वास्तविक विकेट दूरी सही हो सकती है। इसलिए केवल सफेद क्रीज की दृश्य स्थिति पर भरोसा न करें।
अब माप, क्रीज और विकेट की भूमिका को एक साथ समझने का समय है।

22 गज की पिच कहां सही साबित होती है?
22 गज की मानक पिच गेंदबाज, बल्लेबाज, विकेटकीपर और अंपायर के लिए एक समान खेल-क्षेत्र तैयार करती है। यही स्थिर दूरी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, घरेलू प्रतियोगिताओं, विद्यालयी क्रिकेट और अधिकांश प्रशिक्षण नेट में तकनीकी तुलना संभव बनाती है। बल्लेबाज की प्रतिक्रिया, गेंद की यात्रा और रन लेने का समय इसी निश्चित माप से जुड़ा रहता है।
मान लीजिए जसप्रीत बुमराह मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में गेंदबाजी कर रहे हैं या पैट कमिंस मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में; मैदान का आकार और पिच की प्रकृति भिन्न हो सकती है, लेकिन विकेट से विकेट की दूरी 22 गज ही रहती है। तेज गेंदबाज के लिए इसका अर्थ है कि रन-अप के बाद गेंद को बल्लेबाज तक पहुंचने में लगभग समान ज्यामितीय दूरी तय करनी होगी। स्पिनर के लिए यह दूरी उड़ान, टप्पे और बल्लेबाज के पैरों के इस्तेमाल को पढ़ने का स्थिर आधार बनती है।
पिच की लंबाई मैच रणनीति में इन क्षेत्रों को प्रभावित करती है:
- तेज गेंदबाज की गुड लेंथ का स्थान और बल्लेबाज तक उसका पहुंचना।
- स्पिनर की फ्लाइट, ड्रिफ्ट और टर्न की प्रभावी दूरी।
- बल्लेबाज का आगे बढ़कर ड्राइव करना या क्रीज में पीछे रहना।
- विकेटकीपर की स्थिति और गेंद के उछाल का अनुमान।
- दो रन के लिए बल्लेबाजों की दौड़ और मोड़ने का समय।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड अलग-अलग परिस्थितियों में पिच तैयार कर सकते हैं, पर मानक विकेट दूरी नहीं बदलते। यही कारण है कि किसी खिलाड़ी की तकनीक का मूल्यांकन केवल रन या विकेट से नहीं, बल्कि पिच के व्यवहार और उसकी लंबाई से जुड़े निर्णयों से भी किया जाता है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी रणनीति का विश्लेषण पढ़ते समय इस संबंध को नजरअंदाज न करें।
एक और उपयोगी तथ्य यह है कि पिच की लंबाई गेंद की गति को स्वयं तय नहीं करती। 140 किलोमीटर प्रति घंटा की गेंद, 110 किलोमीटर प्रति घंटा की गेंद और धीमी स्पिन गेंद एक ही 22 गज पर अलग-अलग व्यवहार कर सकती हैं। गति, रिलीज बिंदु, सीम, टप्पा, हवा और सतह—ये सभी परिणाम बदलते हैं। इसलिए “छोटी पिच तेज गेंदबाज के लिए बेहतर है” जैसी धारणा सामान्य नियम नहीं है; यदि दूरी आधिकारिक माप से कम हो, तो पूरा खेल असंतुलित हो जाता है।
इस मानकता का एक छिपा लाभ अभ्यास में दिखाई देता है। नेट में खिलाड़ी अपनी बल्लेबाजी की प्रतिक्रिया को घरेलू मैदान से अंतरराष्ट्रीय मैदान तक तुलनीय रख सकता है। हालांकि नेट की पीछे की जाली, गेंदबाजी मशीन और फीडर की दूरी अलग हो सकती है, फिर भी बल्लेबाज का विकेट से सामना 20.12 मीटर पर होना चाहिए। यहीं से अभ्यास की ईमानदारी शुरू होती है।
लाइव मैच पिच रिपोर्ट और परिस्थितियां
पिच की लंबाई कहां कम पड़ती है?
22 गज का माप सही है, लेकिन केवल लंबाई जान लेना पिच की पूरी तस्वीर नहीं देता। असली कमी तब सामने आती है जब कोई व्यक्ति विकेटों के बीच की दूरी को पॉपिंग क्रीज, गेंदबाज के रन-अप, नेट की कुल लंबाई या पूरे मैदान के केंद्रीय क्षेत्र के साथ मिला देता है। इससे गलत अभ्यास, गलत गति-आकलन और कभी-कभी सुरक्षा जोखिम पैदा हो सकता है।
सबसे आम गलती यह है कि 22 गज को स्टंप के पीछे से स्टंप के पीछे तक नापा जाता है। आधिकारिक संदर्भ में दूरी विकेटों के बीच की स्थिति से जुड़ी है, इसलिए दोनों विकेटों के केंद्र को आधार मानना चाहिए। दूसरी गलती 10 फीट चौड़ाई को पॉपिंग क्रीज की चौड़ाई समझना है; पिच की चौड़ाई और क्रीज की रेखाएं अलग-अलग चीजें हैं। तीसरी गलती यह है कि गेंदबाज के रन-अप को पिच की लंबाई में जोड़ दिया जाता है, जबकि रन-अप पिच से बाहर का सहायक क्षेत्र है।
इन गलतियों का असर सूची के रूप में देखिए:
- 20.12 मीटर के बजाय 18 या 19 मीटर मापने पर गेंद बल्लेबाज तक जल्दी पहुंचती है।
- क्रीज गलत जगह होने पर नो-बॉल और वैध डिलीवरी का अभ्यास बिगड़ता है।
- चौड़ाई कम होने पर बल्लेबाज के शॉट क्षेत्र और फील्डिंग कोण अस्वाभाविक बनते हैं।
- असमतल जमीन पर गलत उछाल को खिलाड़ी गेंदबाज की तकनीक समझ सकता है।
- बच्चों के लिए बनाई गई पिच को वरिष्ठ क्रिकेट की आधिकारिक पिच बताना नियमगत भ्रम पैदा करता है।
यहां उम्र-आधारित क्रिकेट को भी समझना चाहिए। कुछ विद्यालयी या कनिष्ठ प्रतियोगिताओं में आयोजक छोटे मैदान, हल्की गेंद या अलग विकेट दूरी अपना सकते हैं। इसका अर्थ यह नहीं कि मानक वरिष्ठ क्रिकेट की पिच बदल गई; इसका अर्थ केवल यह है कि उस प्रतियोगिता के नियम अलग हैं। आयोजन से पहले बीसीसीआई, राज्य क्रिकेट संघ या संबंधित प्रतियोगिता पुस्तिका की शर्तें पढ़ना समझदारी है।
एमसीसी के नियमों में क्रीज को लेकर आधिकारिक भाषा तकनीकी है, पर उसका व्यावहारिक अर्थ साफ है: “क्रीज की रेखाएं विकेटों की स्थिति और बल्लेबाज के सुरक्षित क्षेत्र को परिभाषित करती हैं।” इसलिए मैदान पर सफेद रेखा टेढ़ी हो तो अंपायर, ग्राउंड स्टाफ और आयोजक को तुरंत जांच करनी चाहिए। यह केवल सुंदरता का सवाल नहीं; क्रीज की स्थिति रन-आउट, स्टंपिंग और नो-बॉल निर्णय से जुड़ती है।
क्रिकेट प्रेमी की मैच समीक्षा पढ़ते समय पिच की रिपोर्ट में “धीमी”, “दो-गति वाली” या “सीमिंग” जैसे शब्द दिखेंगे। ये शब्द सतह के व्यवहार को बताते हैं, लंबाई को नहीं। नरेंद्र मोदी स्टेडियम की लाल मिट्टी, चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम की स्पिन-अनुकूल परिस्थितियां और लॉर्ड्स की ढलान अलग विषय हैं; इन सभी में मूल पिच माप 22 गज ही रहता है।
अब प्रश्न यह है कि इस जानकारी का वास्तविक उपयोग कैसे किया जाए।

किसी मैदान की जांच में इन चार बातों को लिख लेना उपयोगी है:
- विकेटों के केंद्र के बीच 20.12 मीटर।
- पिच की चौड़ाई करीब 3.05 मीटर।
- पॉपिंग क्रीज विकेट से 1.22 मीटर आगे।
- सतह की नमी, घास, दरार और उछाल की अलग रिपोर्ट।
यह सूची साधारण लगती है, मगर यहीं कई स्थानीय मैदानों की असली समस्या पकड़ी जाती है। यदि माप सही और सतह खराब है, तो क्यूरेटर को सतह सुधारनी होगी; यदि सतह अच्छी और माप गलत है, तो रेखांकन और विकेट की स्थिति ठीक करनी होगी। दोनों समस्याओं का उपचार एक जैसा नहीं है।
क्या आप पिच की तकनीकी जानकारी को मैच रणनीति से जोड़ना चाहते हैं? सही संदर्भ से शुरुआत करें।
क्या 22 गज वाली पिच उपयोगी है?
हाँ, 22 गज वाली पिच उपयोगी और आवश्यक है, क्योंकि यह क्रिकेट के सभी प्रमुख प्रारूपों में खिलाड़ियों को मानकीकृत दूरी देती है। अभ्यास, आधिकारिक मुकाबले और तकनीकी विश्लेषण तभी तुलनीय रहते हैं जब विकेटों के बीच की दूरी 20.12 मीटर हो और क्रीज सही स्थान पर चिह्नित हों।
इसका मतलब यह नहीं कि हर प्रशिक्षण परिस्थिति में एक ही पिच पर्याप्त है। तेज गेंदबाजों के लिए रन-अप की लंबाई, गेंदबाजी मशीन की जगह, विकेट के पीछे सुरक्षा जाल और बल्लेबाज के खड़े होने का क्षेत्र भी तय करना पड़ता है। यदि नेट में पीछे की जाली बहुत पास हो, तो खिलाड़ी शॉट पूरा करने से पहले रुक सकता है; यदि गेंदबाजी मशीन की फीड दूरी अलग हो, तो प्रतिक्रिया समय आधिकारिक खेल जैसा नहीं रहेगा।
पिच का मूल्यांकन करने के लिए यह संक्षिप्त तालिका उपयोगी है:
| माप या क्षेत्र | मानक जानकारी | व्यावहारिक अर्थ |
|---|---|---|
| विकेट से विकेट | 22 गज या 20.12 मीटर | आधिकारिक खेल की मुख्य दूरी |
| पिच की चौड़ाई | 10 फीट या करीब 3.05 मीटर | बल्लेबाजी और गेंदबाजी का निर्धारित क्षेत्र |
| पॉपिंग क्रीज | विकेट से 4 फीट या 1.22 मीटर | बल्लेबाज के सुरक्षित क्षेत्र की सीमा |
| रन-अप | प्रतियोगिता और गेंदबाज पर निर्भर | पिच की लंबाई का हिस्सा नहीं |
| सतह | मिट्टी, घास, नमी और कठोरता पर निर्भर | उछाल और टर्न को प्रभावित करती है |
यहीं एक contrarian लेकिन जरूरी निष्कर्ष निकलता है: नई पिच हमेशा बेहतर पिच नहीं होती। यदि नई सतह पर 22 गज सही है, मगर नमी असमान है, क्रीज गलत है या विकेट की सीध बिगड़ी है, तो पुरानी लेकिन सही ढंग से रखी गई पिच अधिक विश्वसनीय हो सकती है। मैदान का मूल्यांकन केवल चमकदार घास या ताजा सफेद रेखाओं से न करें।
एक और व्यावहारिक सीमा गेंद के प्रकार से जुड़ी है। लाल गेंद, सफेद गेंद और प्रशिक्षण की नरम गेंद अलग गति और उछाल देती हैं; पिच की लंबाई समान होने पर भी खिलाड़ी का अनुभव बदलता है। टेस्ट क्रिकेट में लाल गेंद की सीम और पुरानी गेंद का व्यवहार महत्वपूर्ण हो सकता है, जबकि एकदिवसीय और ट्वेंटी-20 में सफेद गेंद, पावरप्ले और ओस रणनीति को प्रभावित करते हैं। इसलिए मैच से पहले पिच की लंबाई के साथ गेंद और मौसम की जानकारी भी दर्ज करें।
गेंदबाजी की लंबाई और गुड लेंथ समझने की मार्गदर्शिका
क्रिकेट प्रेमी पर खिलाड़ी आंकड़े देखते समय यह बात ध्यान में रखें कि “गेंद की लंबाई” और “पिच की लंबाई” एक ही अवधारणा नहीं हैं। गेंद की लंबाई बताती है कि गेंद बल्लेबाज से कितनी दूरी पर टप्पा खाती है; पिच की लंबाई विकेटों के बीच का स्थिर क्षेत्र है। एक तेज गेंदबाज 22 गज की पिच पर शॉर्ट लेंथ, गुड लेंथ या फुल लेंथ डाल सकता है—ये डिलीवरी स्थान हैं, पिच का आकार नहीं।
अंतिम सलाह सीधी है: मैदान को नापते समय पहले ज्यामिति ठीक करें, फिर सतह पढ़ें, उसके बाद रणनीति बनाएं। उल्टा क्रम अपनाने पर खिलाड़ी अक्सर पिच को दोष देता है, जबकि समस्या गलत क्रीज या दूरी में होती है।
अब इस पूरे विषय को संक्षिप्त सवाल-जवाब में बांधते हैं, ताकि अगली बार मैदान पर कोई भ्रम न रहे।
निष्कर्ष: क्या 22 गज याद रखना पर्याप्त है?
क्रिकेट पिच की लंबाई 22 गज या 20.12 मीटर है, जबकि मानक चौड़ाई 10 फीट या लगभग 3.05 मीटर रहती है। इस मूल तथ्य के साथ पॉपिंग क्रीज की 1.22 मीटर स्थिति, विकेटों की सीध और सतह की अलग जांच समझना जरूरी है। यही जानकारी अभ्यास और मैच विश्लेषण दोनों को सटीक बनाती है।
सही माप को अपने अगले अभ्यास या मैदान निरीक्षण का पहला नियम बनाइए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: क्रिकेट पिच की लंबाई कितनी होती है?
उत्तर: क्रिकेट पिच की मानक लंबाई 22 गज या 20.12 मीटर होती है। यह दूरी एक छोर के विकेट के केंद्र से दूसरे छोर के विकेट के केंद्र तक मापी जाती है। टेस्ट, एकदिवसीय और ट्वेंटी-20 क्रिकेट में मूल विकेट दूरी समान रहती है, हालांकि पिच की सतह, घास, नमी और उछाल अलग हो सकते हैं। स्थानीय या कनिष्ठ प्रतियोगिताओं में आयोजक अलग माप घोषित कर सकते हैं।
प्रश्न: क्रिकेट पिच की चौड़ाई कितनी होती है?
उत्तर: मानक क्रिकेट पिच की चौड़ाई 10 फीट या लगभग 3.05 मीटर होती है। यह चौड़ाई पिच के खेलने योग्य केंद्रीय क्षेत्र को दर्शाती है, न कि पूरे मैदान या गेंदबाज के रन-अप को। मैदान तैयार करते समय चौड़ाई दोनों किनारों से समान रखनी चाहिए, क्योंकि तिरछी पिच बल्लेबाज और गेंदबाज के कोण बदल सकती है। सफेद क्रीज की रेखाएं चौड़ाई का विकल्प नहीं हैं।
प्रश्न: क्रिकेट पिच को 22 गज में कैसे नापें?
उत्तर: पिच नापने के लिए दोनों विकेटों के मध्य स्टंप को सीधी धुरी मानकर 20.12 मीटर की दूरी मापें। पहले एक छोर के विकेट का केंद्र चिन्हित करें, फिर मापने वाली फीते से दूसरे छोर का केंद्र तय करें और दोनों विकेटों की सीध जांचें। इसके बाद पिच की चौड़ाई 3.05 मीटर तथा पॉपिंग क्रीज को विकेट से 1.22 मीटर आगे चिह्नित करें। ढलान या असमतल जमीन होने पर ग्राउंड स्टाफ से दोबारा जांच कराएं।
प्रश्न: 22 गज और 20.12 मीटर में क्या अंतर है?
उत्तर: 22 गज और 20.12 मीटर एक ही पिच दूरी को अलग-अलग इकाइयों में व्यक्त करते हैं। एक गज 0.9144 मीटर के बराबर होता है, इसलिए 22 गज का सटीक रूपांतरण 20.1168 मीटर है, जिसे सामान्यतः 20.12 मीटर लिखा जाता है। क्रिकेट के पुराने नियमों और प्रसारण में 22 गज अधिक सुना जाता है, जबकि मैदान निर्माण में मीटर का उपयोग सुविधाजनक रहता है।
प्रश्न: पिच की लंबाई और गेंद की लंबाई में क्या अंतर है?
उत्तर: पिच की लंबाई विकेटों के बीच की स्थिर 22 गज दूरी है, जबकि गेंद की लंबाई बताती है कि गेंद बल्लेबाज से कितनी दूरी पर टप्पा खाती है। गुड लेंथ, फुल लेंथ और शॉर्ट लेंथ गेंद के टप्पे के स्थान को दर्शाते हैं। जसप्रीत बुमराह, रविचंद्रन अश्विन या पैट कमिंस सभी 22 गज की पिच पर अलग-अलग डिलीवरी लंबाई इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए दोनों शब्दों को एक-दूसरे का पर्याय न मानें।
प्रश्न: क्या अलग-अलग क्रिकेट प्रारूपों में पिच की लंबाई बदलती है?
उत्तर: सामान्य वरिष्ठ क्रिकेट में टेस्ट, एकदिवसीय और ट्वेंटी-20 प्रारूपों की पिच लंबाई 22 गज ही रहती है। प्रारूप बदलने पर ओवरों की संख्या, फील्डिंग प्रतिबंध, गेंद का उपयोग, पावरप्ले और रणनीति बदलती है, पिच की आधिकारिक दूरी नहीं। विद्यालयी, कनिष्ठ या मनोरंजक क्रिकेट में आयोजक छोटी पिच या अलग नियम अपना सकते हैं। ऐसे मामलों में प्रतियोगिता की आधिकारिक पुस्तिका को अंतिम मानें।
प्रश्न: यदि क्रिकेट पिच की माप गलत हो तो क्या करना चाहिए?
उत्तर: गलत माप मिलने पर मैच या अभ्यास शुरू करने से पहले विकेटों की सीध, मध्य स्टंप की दूरी और क्रीज की स्थिति दोबारा जांचनी चाहिए। यदि दूरी 20.12 मीटर से कम या अधिक है, तो विकेट हटाकर पिच को सही केंद्र रेखा पर फिर से चिह्नित करें। असमतल सतह, तिरछी क्रीज या ढीली मिट्टी को अलग समस्या मानें और ग्राउंड स्टाफ, अंपायर या आयोजक को सूचित करें। जल्दबाजी में सफेद रेखा ऊपर से ठीक करना पर्याप्त समाधान नहीं होता।
पढ़ने के लिए धन्यवाद।
उन लोगों के लिए जो केवल रोमांच के लिए नहीं खेलते।
क्रिकेट प्रेमी · The High-Stakes Editorial · No. 01