सामग्री पर जाएं सामग्री पर जाएं
स्विंग गेंदबाजी का अनकहा सच
विशेष विश्लेषण

स्विंग गेंदबाजी का अनकहा सच

क्रिकेट में स्विंग गेंदबाजी कैसे करें का सीधा उत्तर है: गेंद की चमक, सीम की दिशा, कलाई की स्थिरता और सही लेंथ को एक साथ नियंत्रित करें। दाएं हाथ के गेंदबाज के लिए आउटस्विंग में सीम पहली स्लिप की ओर और...

20 अक्टूबर 2026 5 min read
❦

स्विंग गेंदबाजी का अनकहा सच

क्रिकेट में स्विंग गेंदबाजी कैसे करें का सीधा उत्तर है: गेंद की चमक, सीम की दिशा, कलाई की स्थिरता और सही लेंथ को एक साथ नियंत्रित करें। दाएं हाथ के गेंदबाज के लिए आउटस्विंग में सीम पहली स्लिप की ओर और इनस्विंग में लेग-साइड की ओर झुकी रहती है, जबकि गेंद का चमकीला हिस्सा वायु-प्रवाह को प्रभावित करता है। नई गेंद के पहले 10 ओवरों में स्विंग अधिक मिल सकती है, लेकिन पिच, हवा और गेंद की स्थिति इसका परिणाम बदलते हैं। रिवर्स स्विंग प्रायः पुरानी गेंद, तेज गति और लगभग 35वें ओवर के बाद दिखाई देती है, हालांकि प्रारूप और परिस्थितियां अलग हो सकती हैं। अभ्यास के लिए 20 गेंदों के छोटे सेट उपयोगी हो सकते हैं: 10 आउटस्विंग, 10 इनस्विंग, हर गेंद पर कलाई और सीम की जांच। शुरुआत में गति नहीं, नियंत्रण को प्राथमिकता दें।

लाल क्रिकेट गेंद सीम पर रखी हुई, हरी पिच और सुबह की ठंडी धुंध के बीच शांत मैदान

स्विंग गेंदबाजी केवल गेंद को एक तरफ मोड़ देने का नाम नहीं है। यह गेंद के रास्ते में बहुत छोटा बदलाव पैदा करके बल्लेबाज के निर्णय को कठिन बनाने की कला है। पुरानी क्रिकेट गेंद की चमकदार और खुरदरी सतह के बीच अंतर, सीम की स्थिति, गेंद छोड़ने का कोण और हवा की दिशा मिलकर परिणाम बनाते हैं। शुरुआती तेज गेंदबाजी मार्गदर्शिका पढ़ते समय एक बात गांठ बांध लें—हर गेंद को स्विंग कराने की जिद अक्सर लाइन बिगाड़ देती है। सुनिए, यही वह हिस्सा है जो मायने रखता है: अच्छी स्विंग से पहले अच्छी गेंद जरूरी है। अब इस तकनीक को चरण-दर-चरण समझते हैं।

और जानें

क्या स्विंग गेंदबाजी सचमुच गति से अधिक तकनीक है?

स्विंग गेंदबाजी में गति उपयोगी है, लेकिन गेंद की दिशा बदलने के लिए सीम, कलाई और सतह का नियंत्रण अधिक निर्णायक होता है। 120–135 किलोमीटर प्रति घंटा की नियंत्रित गति पर भी गेंद स्विंग कर सकती है, जबकि तेज गेंदबाज गलत सीम या ढीली कलाई के कारण बिना मूवमेंट के गेंद डाल सकता है। इसलिए तकनीक पहले और गति बाद में आती है।

नई गेंद के साथ पारंपरिक स्विंग में गेंद का चमकदार हिस्सा और सीम हवा के बहाव को अलग-अलग प्रभावित करते हैं। यदि दाएं हाथ का गेंदबाज दाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए आउटस्विंग डाल रहा है, तो सीम सामान्यतः पहली स्लिप की दिशा में झुकी रहती है; इनस्विंग में सीम विपरीत दिशा में झुकती है। यह नियम बाएं हाथ के गेंदबाज और बल्लेबाज के संयोजन में बदल सकता है, इसलिए केवल याद की हुई दिशा पर निर्भर न रहें। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के खेल-संबंधी संसाधन गेंद की वैध स्थिति और अनुशासन पर जोर देते हैं, जबकि मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के नियम गेंद को कृत्रिम रूप से खराब करने की अनुमति नहीं देते।

गेंदबाज को अपनी पकड़ में तीन बातें देखनी चाहिए:

  1. सीम उंगलियों के बीच सीधी और स्थिर रहे।
  2. कलाई लक्ष्य की ओर मजबूती से बंद रहे।
  3. गेंद छोड़ते समय तर्जनी और मध्यमा उंगली सीम पर समान दबाव दें।

बहुत कसकर पकड़ने से उंगलियां जल्दी थकती हैं और गेंद की प्राकृतिक गति घटती है। दूसरी ओर, बहुत ढीली पकड़ सीम को हिला देती है। अभ्यास के लिए चमकदार गेंद पर एक छोटा निशान लगाकर देखें कि हर डिलीवरी के बाद वह उसी ओर बना रहता है या नहीं। यह साधारण निरीक्षण कई महंगे भ्रम दूर करता है।

कलाई और सीम का सही संबंध

कलाई पीछे मुड़ी हुई या बगल में गिरी हुई होगी तो सीम हवा में घूमेगी। गेंद छोड़ते समय कलाई को लक्ष्य की दिशा में स्थिर रखें और कोहनी को शरीर के पास नियंत्रित रखें। गेंद के निकलने के बाद सीम का 10–15 डिग्री तक झुकाव उपयोगी हो सकता है, लेकिन शुरुआती गेंदबाज को कोण बढ़ाने के बजाय सीम को सीधा रखने पर काम करना चाहिए। व्यावहारिक रूप से छोटा कोण, स्थिर कलाई और सही लेंथ अक्सर बड़े प्रयास से बेहतर परिणाम देते हैं।

किसी खास स्थिति में स्विंग गेंदबाजी कैसे काम करती है?

स्विंग गेंदबाजी की प्रभावशीलता मौसम, हवा, गेंद की उम्र, पिच और बल्लेबाज के रुख के साथ बदलती है। बादल छाए होने से स्विंग अपने-आप नहीं मिलती; असली लाभ तब आता है जब गेंदबाज चमकदार सतह, सीम और सही रिलीज को हवा की दिशा के साथ मिलाता है। नई गेंद में पारंपरिक स्विंग और पुरानी गेंद में रिवर्स स्विंग अलग प्रक्रियाएं हैं।

मैदान पर पहुंचते ही इन संकेतों की जांच करें:

  • हवा किस दिशा से आ रही है और क्या वह लगातार है।
  • पिच पर घास, नमी या कठोर चमड़े जैसी सतह मौजूद है।
  • गेंद का चमकदार हिस्सा किस ओर सुरक्षित रखा गया है।
  • बल्लेबाज ऑफ स्टंप से कितना बाहर खड़ा है।
  • पिछली गेंद के बाद सीम किस दिशा में स्थिर रही।

दाएं हाथ के बल्लेबाज के विरुद्ध आउटस्विंग डालते समय ऑफ स्टंप के बाहर से शुरू होकर गेंद को चौथे या पांचवें स्टंप की लाइन में लैंड कराना अक्सर सुरक्षित योजना होती है। लक्ष्य बल्लेबाज के बल्ले का बाहरी किनारा है, न कि हर बार विकेट। इनस्विंग के लिए लाइन को धीरे-धीरे स्टंप की ओर लाएं और फुल लेंथ रखें, क्योंकि छोटी इनस्विंग गेंद शरीर से दूर जाकर आसान कट या पुल बन सकती है।

रिवर्स स्विंग के मामले में एक जरूरी सावधानी है। पुरानी गेंद का खुरदुरा हिस्सा प्राकृतिक उपयोग से बनना चाहिए; गेंद को खुरचना, नाखून से काटना, कृत्रिम पदार्थ लगाना या सीम को जानबूझकर बिगाड़ना खेल नियमों का उल्लंघन हो सकता है। एमसीसी के नियम 41.3 गेंद की स्थिति बदलने से जुड़ी सीमाओं को स्पष्ट करता है। आधिकारिक नियमों में गेंद की देखभाल की अनुमति है, लेकिन उसका अनुचित परिवर्तन नहीं। यही वह महीन रेखा है जिसे अनदेखा करना मैच, प्रतिष्ठा और टीम—तीनों को नुकसान पहुंचा सकता है।

तेज गेंदबाज अभ्यास नेट में चमकदार लाल गेंद पकड़े, पीछे कोच सीम की दिशा समझाता हुआ

स्विंग के लिए रन-अप और लेंथ

रन-अप का उद्देश्य केवल गति पैदा करना नहीं, बल्कि दोहराने योग्य लय बनाना है। 12–20 कदम का रन-अप कई तेज गेंदबाजों के लिए उपयोगी हो सकता है, पर सही संख्या वही है जिसमें अंतिम चार कदम हर बार एक जैसे हों। क्रीज पर पहुंचते समय सिर स्थिर, सामने का कंधा लक्ष्य की ओर और पिछला पैर संतुलित होना चाहिए। यदि शरीर गिरता है, तो रिलीज का कोण बदलता है और सीम भी भटकती है।

अभ्यास में छह गेंदों का एक ओवर इस योजना से डालें:

  1. पहली दो गेंदें चौथे स्टंप की लाइन पर आउटस्विंग।
  2. तीसरी गेंद उसी एक्शन से सीधी।
  3. चौथी गेंद स्टंप पर इनस्विंग।
  4. पांचवीं गेंद थोड़ी पीछे, लेकिन ऑफ स्टंप चैनल में।
  5. छठी गेंद बल्लेबाज की प्रतिक्रिया के अनुसार दोहराएं।

इससे बल्लेबाज को लगातार एक ही संकेत नहीं मिलता। सीम और स्विंग गेंदबाजी की उन्नत तकनीक में फील्ड सेटिंग को इसी योजना से जोड़ा जा सकता है—दो स्लिप, गली और कवर के बीच का अंतर गेंद की वास्तविक स्विंग के अनुसार बदलना चाहिए, केवल कप्तान की आदत के अनुसार नहीं।

गेंद की चमक बनाए रखने की व्यावहारिक विधि

एक गेंद पर पूरी टीम को समान भूमिका निभानी चाहिए। नियमों के भीतर गेंद को साफ कपड़े से चमकाना, पसीने से प्राकृतिक नमी बनाए रखना और हर ओवर के बाद गेंद की स्थिति देखना पर्याप्त है। गेंद को जमीन पर रगड़ना या खुरदुरी सतह पर दबाना सही तरीका नहीं है। खासकर 2026 के प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में कैमरा निगरानी और अंपायर निरीक्षण को हल्के में लेना समझदारी नहीं।

चमकदार हिस्सा एक ओर बनाए रखने से रिवर्स स्विंग की संभावना बढ़ सकती है, लेकिन यह कोई स्विच नहीं है। गेंद की गति, सीम की स्थिरता और पिच की घर्षण क्षमता भी जरूरी हैं। 80–90 किलोमीटर प्रति घंटा की धीमी गेंद पर रिवर्स स्विंग की उम्मीद करना आम तौर पर गलत है; अधिक गति पर हवा और सतह का प्रभाव स्पष्ट हो सकता है। फिर भी केवल गति बढ़ाना समाधान नहीं—यदि गेंद फुल टॉस बन रही है, तो स्विंग का कोई लाभ नहीं।

किन किनारों पर स्विंग गेंदबाजी विफल होती है?

स्विंग गेंदबाजी तब विफल होती है जब गेंदबाज मूवमेंट के पीछे भागते हुए लाइन, लेंथ और शरीर का संतुलन छोड़ देता है। सबसे आम समस्याएं ढीली कलाई, चमकदार हिस्से की गलत देखभाल, सीम का घूमना, बहुत चौड़ा रन-अप और बल्लेबाज के अनुसार फील्ड न बदलना हैं। यदि लगातार तीन गेंदें एक ही दिशा में बाहर जा रही हैं, तो अगली गेंद पर और अधिक कोण बनाने के बजाय सीम सीधी करके नियंत्रण लौटाना चाहिए।

विफलता पहचानने के संकेत:

  • गेंद पिच पर पड़ने से पहले ही स्पिन कर रही है।
  • सीम हर डिलीवरी में अलग दिशा में गिरती है।
  • फ्रंट आर्म खुलते ही सिर ऑफ-साइड की ओर खिंचता है।
  • गेंद स्विंग तो करती है, लेकिन बल्लेबाज से बहुत दूर निकल जाती है।
  • गेंदबाज विकेट की तलाश में लेंथ लगातार फुल करता रहता है।

एक उपयोगी सुधार यह है कि गेंदबाज 18 गेंदों को तीन समूहों में बांटे: छह सीम-स्थिरता, छह लाइन-लेंथ और छह बल्लेबाज-विशिष्ट गेंदें। हर समूह के बाद केवल एक समस्या लिखें। एक साथ रन-अप, कलाई, सीम और फॉलो-थ्रू सुधारने की कोशिश पुराने रेडियो में दस स्टेशन एक साथ पकड़ने जैसी है—शोर बहुत होगा, संगीत नहीं।

बल्लेबाज के हाथ और पैरों को भी पढ़ें। यदि वह आगे बढ़कर खेल रहा है, तो लेंथ थोड़ा पीछे करें; यदि वह क्रीज में अटका है, तो फुलर गेंद और स्लिप का दबाव उपयोगी हो सकता है। बाएं हाथ के बल्लेबाज के खिलाफ दाएं हाथ के गेंदबाज की आउटस्विंग अक्सर लेग-साइड से बाहर जाती है, इसलिए लाइन बदलनी पड़ेगी। स्विंग की दिशा को बल्लेबाज के स्टांस से अलग समझना एक गंभीर रणनीतिक भूल है।

युवा क्रिकेट गेंदबाज वीडियो विश्लेषण स्क्रीन पर सीम घूमती गेंद और गलत रिलीज कोण देखता हुआ

क्रॉसविंड और छोटे मैदान का प्रभाव

क्रॉसविंड स्विंग को तेज या धीमा कर सकती है, पर हवा हमेशा समान नहीं रहती। मैदान के एक छोर पर पेड़, स्टैंड या खुले हिस्से के कारण हवा का दबाव बदल सकता है। इसलिए केवल सिक्के के उछलने के समय की हवा देखकर पूरे स्पेल की योजना न बनाएं। पहले दो ओवरों में गेंद की वास्तविक उड़ान देखें और फिर क्रीज के कोण या सीम की दिशा में छोटा बदलाव करें।

छोटे मैदानों में गेंदबाज अक्सर बल्लेबाज को रोकने के लिए लाइन अंदर कर देता है, लेकिन इससे स्लिप का अवसर खत्म हो सकता है। यदि स्विंग मौजूद है, तो सीमा रेखा के डर से विकेट वाली लाइन छोड़ना जरूरी नहीं। इसके बजाय फील्डर की स्थिति बदलें, गेंद की ऊंचाई नियंत्रित करें और चौथे स्टंप की योजना पर भरोसा रखें। क्रिकेट में फील्ड प्लेसमेंट की रणनीति इस निर्णय को गेंद की गति, बल्लेबाज की ताकत और मैच प्रारूप से जोड़ती है।

और जानें

क्या आज स्विंग गेंदबाजी का अभ्यास शुरू करना चाहिए?

हां, लेकिन अभ्यास का लक्ष्य पहले 30 मिनट में विकेट लेना नहीं, बल्कि 70 प्रतिशत से अधिक गेंदों पर स्थिर सीम, सही लाइन और दोहराने योग्य रिलीज बनाना होना चाहिए। शुरुआत टेनिस गेंद से की जा सकती है, पर असली प्रगति चमड़े की क्रिकेट गेंद, वीडियो रिकॉर्डिंग और नियंत्रित लक्ष्य से होगी। सप्ताह में तीन सत्र पर्याप्त हैं, यदि हर सत्र में गुणवत्ता और विश्लेषण शामिल हो।

30 मिनट का अभ्यास कार्यक्रम

  1. पांच मिनट: कलाई, कंधे, टखने और कूल्हे का गतिशील वार्म-अप।
  2. दस मिनट: बिना पूरे रन-अप के सीम सीधी रखते हुए छह-छह गेंदों के सेट।
  3. दस मिनट: चौथे स्टंप पर आउटस्विंग और स्टंप पर इनस्विंग, प्रत्येक के 12 प्रयास।
  4. पांच मिनट: वीडियो देखकर केवल एक तकनीकी गलती चुनना।

वीडियो में गेंदबाज को तीन फ्रेम रोककर देखने चाहिए: फ्रंट फुट लगने का क्षण, गेंद छूटने का क्षण और फॉलो-थ्रू का अंत। यदि सिर हर बार लक्ष्य के ऊपर रहता है और सीम स्थिर दिखाई देती है, तो तकनीक सही दिशा में है। मोबाइल कैमरा क्रीज के सामने और बगल—दोनों कोणों से लगाया जाए तो अंतर साफ दिखता है।

दर्द और थकान को भी आंकड़े की तरह दर्ज करें। कंधे में तेज दर्द, कोहनी में खिंचाव या पीठ के निचले हिस्से में असामान्य दबाव हो तो अभ्यास रोकें और योग्य फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें। तेज गेंदबाजी में अचानक मात्रा बढ़ाना जोखिमपूर्ण है; साप्ताहिक गेंदों की संख्या छोटे चरणों में बढ़ाना बेहतर है। 2026 में उपलब्ध गति-मापन उपकरण उपयोगी हैं, लेकिन सेंसर की संख्या से बेहतर एक साफ तकनीकी लक्ष्य है।

गेंदबाज के लिए मैच-दिवस सूची

  • गेंद की स्थिति हर ओवर के बाद कप्तान और विकेटकीपर से जांचें।
  • पहली छह गेंदों में विकेट नहीं, बल्लेबाज की प्रतिक्रिया पढ़ें।
  • हवा बदलने पर सीम और क्रीज का कोण फिर से तय करें।
  • स्विंग बंद हो तो सीम, बाउंसर या गति परिवर्तन अपनाएं।
  • अंपायर के निर्णय पर बहस के बजाय अगली गेंद की योजना बनाएं।

इस सूची का सबसे कठिन हिस्सा आखिरी है। स्विंग गेंदबाजी में निराशा जल्दी चेहरे पर आ जाती है, जबकि बल्लेबाज उसी संकेत का इंतजार कर रहा होता है। शांत चेहरा, समान रन-अप और स्पष्ट योजना गेंद की गति जितने ही महत्वपूर्ण हथियार हैं।

शाम के अभ्यास सत्र में गेंदबाज लक्ष्य स्टंप पर स्विंग डालता, कोच नोटबुक में आंकड़े लिखता हुआ

और जानें

स्विंग गेंदबाजी में सबसे बड़ा रहस्य किसी छिपी हुई पकड़ में नहीं, बल्कि दोहराव में है। सीम को सीधा रखें, कलाई को स्थिर रखें, गेंद को नियमों के भीतर चमकदार रखें और बल्लेबाज की स्थिति के अनुसार लाइन बदलें। आउटस्विंग, इनस्विंग और रिवर्स स्विंग तीन अलग कौशल हैं; उन्हें एक ही अभ्यास में मिलाने से पहले प्रत्येक को अलग-अलग भरोसेमंद बनाइए। उद्देश्यपूर्ण अभ्यास आम तौर पर बेतरतीब गेंदबाजी से अधिक मूल्यवान होता है। आज का पहला लक्ष्य रखें: छह में से कम-से-कम चार गेंदें एक ही लेंथ और सीम पर डालना।

अभ्यास योजना को अपनी गति, उम्र और मैदान की स्थिति के अनुसार ढालकर शुरू करें।

और जानें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: क्रिकेट में स्विंग गेंदबाजी क्या होती है?

उत्तर: स्विंग गेंदबाजी वह तकनीक है जिसमें गेंद हवा में अपनी प्रारंभिक दिशा से हटकर अंदर या बाहर जाती है। यह सीम, गेंद की चमकदार और खुरदरी सतह, कलाई, गति तथा हवा के संयुक्त प्रभाव से होती है। नई गेंद में पारंपरिक स्विंग अधिक सामान्य है, जबकि पुरानी गेंद में पर्याप्त गति होने पर रिवर्स स्विंग मिल सकती है। गेंद को कृत्रिम रूप से खराब करना नियमों के विरुद्ध है, इसलिए चमक केवल स्वीकृत तरीके से बनाए रखें।

प्रश्न: आउटस्विंग गेंद कैसे डालें?

उत्तर: आउटस्विंग के लिए सीम को स्लिप की दिशा में झुकाकर कलाई को लक्ष्य की ओर स्थिर रखते हुए चौथे स्टंप की लाइन पर गेंद डालें। दाएं हाथ के गेंदबाज को दाएं हाथ के बल्लेबाज के विरुद्ध सीम को सामान्यतः पहली स्लिप की ओर रखना चाहिए। गेंद छोड़ते समय उंगलियों का दबाव समान रखें और फॉलो-थ्रू को लक्ष्य की दिशा में जाने दें। पहले 12 गेंदों में गति से अधिक सीम की स्थिरता पर ध्यान देना बेहतर है।

प्रश्न: इनस्विंग और आउटस्विंग में क्या अंतर है?

उत्तर: इनस्विंग बल्लेबाज के शरीर और स्टंप की ओर आती है, जबकि आउटस्विंग बल्लेबाज से दूर जाकर बाहरी किनारा खोजती है। इनस्विंग के लिए फुलर लेंथ और स्टंप की लाइन उपयोगी होती है, जबकि आउटस्विंग के लिए चौथा या पांचवां स्टंप अधिक सुरक्षित प्रारंभिक क्षेत्र है। दाएं और बाएं हाथ के बल्लेबाज के बदलने पर कोण और फील्ड दोनों बदलने चाहिए। दोनों गेंदों को एक ही कलाई-एक्शन से दिखाना बल्लेबाज पर अतिरिक्त दबाव डालता है।

प्रश्न: गेंद स्विंग क्यों नहीं कर रही है?

उत्तर: गेंद स्विंग न करने के मुख्य कारण ढीली कलाई, घूमती हुई सीम, गलत चमकदार हिस्सा, अस्थिर हवा या गलत लेंथ हैं। पहले छह गेंदों में यह जांचें कि सीम रिलीज के समय सीधी है या नहीं और गेंद पिच पर कहां पड़ रही है। यदि गेंद बहुत छोटी है, तो स्विंग का प्रभाव बल्लेबाज तक पहुंचने से पहले खत्म हो सकता है। लगातार तीन असफल प्रयासों के बाद कोण बढ़ाने के बजाय सीम और लाइन को सरल बनाएं।

प्रश्न: रिवर्स स्विंग के लिए गेंद कितनी पुरानी होनी चाहिए?

उत्तर: रिवर्स स्विंग के लिए कोई निश्चित ओवर संख्या नहीं है, लेकिन अक्सर 30–40 ओवर पुरानी गेंद, पर्याप्त गति और स्पष्ट सतही अंतर उपयोगी होते हैं। प्रारूप, पिच, मौसम और गेंद की देखभाल के कारण यह समय बदल सकता है। गेंद की एक सतह चमकदार और दूसरी प्राकृतिक रूप से खुरदरी होनी चाहिए। कृत्रिम खरोंच, रगड़ या पदार्थ लगाना वैध गेंद-देखभाल नहीं है और अंपायर कार्रवाई कर सकते हैं।

प्रश्न: स्विंग गेंदबाजी सीखने में कितना समय लगता है?

उत्तर: शुरुआती नियंत्रण 4–8 सप्ताह के नियमित अभ्यास में विकसित हो सकता है, लेकिन मैच-स्तर की स्विंग के लिए कई महीनों का दोहराव आवश्यक है। सप्ताह में तीन सत्र और प्रत्येक सत्र में 30–40 उद्देश्यपूर्ण गेंदें पर्याप्त शुरुआती मात्रा हो सकती हैं। वीडियो में कलाई, सीम, फ्रंट फुट और लेंथ की जांच करें, केवल विकेटों की संख्या नहीं। दर्द होने पर प्रशिक्षण रोकना और योग्य प्रशिक्षक या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह लेना जरूरी है।

प्रश्न: क्या तेज गति के बिना स्विंग गेंदबाजी प्रभावी हो सकती है?

उत्तर: हां, मध्यम गति पर भी स्विंग गेंदबाजी प्रभावी हो सकती है, यदि सीम, कलाई और लेंथ नियंत्रित हों। 120–135 किलोमीटर प्रति घंटा की गति कई परिस्थितियों में पर्याप्त हो सकती है, लेकिन वास्तविक उपयोगिता पिच और हवा पर निर्भर करती है। धीमी गेंद पर पारंपरिक स्विंग संभव है, जबकि रिवर्स स्विंग के लिए आम तौर पर अधिक गति चाहिए। इसलिए पहले 70 प्रतिशत गेंदों को एक ही क्षेत्र में डालने की क्षमता बनाएं, फिर गति बढ़ाएं।

§
इस विश्लेषण को साझा करें
X पर पोस्ट करें

पढ़ने के लिए धन्यवाद।

उन लोगों के लिए जो केवल रोमांच के लिए नहीं खेलते।

❦

क्रिकेट प्रेमी · The High-Stakes Editorial · No. 01

संबंधित लेख