सामग्री पर जाएं सामग्री पर जाएं
क्रिकेट प्रेमी में: 5 चरणों में रन रेट
विशेष विश्लेषण

क्रिकेट प्रेमी में: 5 चरणों में रन रेट

किसी क्रिकेट पारी का रन रेट निकालने का सीधा सूत्र है: कुल बनाए गए रन ÷ खेले गए ओवर। उदाहरण के लिए, 20 ओवर में 108 रन बनाने वाली टीम का रन रेट 5.4 रन प्रति ओवर होगा। लक्ष्य का पीछा करते समय आवश्यक रन र...

13 अक्टूबर 2026 5 min read
❦

क्रिकेट प्रेमी में: 5 चरणों में रन रेट

किसी क्रिकेट पारी का रन रेट निकालने का सीधा सूत्र है: कुल बनाए गए रन ÷ खेले गए ओवर। उदाहरण के लिए, 20 ओवर में 108 रन बनाने वाली टीम का रन रेट 5.4 रन प्रति ओवर होगा। लक्ष्य का पीछा करते समय आवश्यक रन रेट निकालने के लिए बचे हुए रन को शेष ओवरों से विभाजित करें। इसलिए 384 रन के लक्ष्य में भारत ने पहले 20 ओवरों में 5.4 की दर से 108 रन बनाए हों, तो 30 ओवरों में 276 रन चाहिए और आवश्यक रन रेट 9.2 होगा। क्रिकेट प्रेमी के पाठक के लिए सबसे अहम सावधानी यह है कि 12.3 ओवर का अर्थ 12.3 दशमलव ओवर नहीं, बल्कि 12 ओवर और 3 वैध गेंदें हैं। पहले गेंदों को छह से विभाजित करके वास्तविक ओवर निकालें, फिर गणना करें। यही तरीका टी20, एकदिवसीय और घरेलू क्रिकेट सभी में लागू होता है।

भारतीय क्रिकेट स्कोरबोर्ड पर रन, ओवर और आवश्यक रन रेट चमकते हुए दिखाई दे रहे हैं

क्रिकेट में रन रेट केवल स्कोरबोर्ड की एक संख्या नहीं है; यह पारी की चाल, बल्लेबाजों के जोखिम और गेंदबाजों के दबाव की कहानी भी बताता है। मैंने वर्षों में इतने स्कोरकार्ड देखे हैं कि अब एक बात पर अड़ गया हूं—दशमलव देखकर कभी भी जल्दबाजी में निष्कर्ष मत निकालिए। 8.4 ओवर का मतलब 8 ओवर और 4 गेंदें है, न कि 8.4 पूरे ओवर। नीचे दिए गए उदाहरणों में भारतीय क्रिकेट टीम, आईपीएल, आईसीसी और डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धति के संदर्भ से समझेंगे कि रन रेट कैसे निकाला जाता है, आवश्यक रन रेट क्या बताता है और बारिश वाले मैच में साधारण गणना कब बेकार हो जाती है। पहले यह क्रिकेट स्कोरकार्ड पढ़ने की शुरुआती मार्गदर्शिका भी देख लें, क्योंकि सही रन रेट की शुरुआत सही स्कोर पढ़ने से होती है।

अगर आप अपनी गणना को मैच की वास्तविक रणनीति से जोड़ना चाहते हैं, तो यह अगला संदर्भ उपयोगी रहेगा।

और जानें

2025 से पहले रन रेट कैसे काम करता था?

रन रेट का मूल नियम 2025 से पहले भी यही था: बनाए गए कुल रन को खेले गए वैध ओवरों से विभाजित करना। एकदिवसीय मैच में 50 ओवर और टी20 में 20 ओवर की निर्धारित सीमा होती है, लेकिन ऑल आउट होने पर पारी उससे पहले भी समाप्त हो सकती है। यदि किसी टीम ने 287 रन बनाए और पूरी पारी 50 ओवर चली, तो रन रेट 287 ÷ 50 = 5.74 होगा; वहीं 16 ओवर में 142 रन का रन रेट 8.875, यानी सामान्यतः 8.88, माना जाएगा। आईसीसी के आधिकारिक नियमों में ओवर और गेंदों की संरचना स्पष्ट है, जबकि मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के नियम छह वैध गेंदों वाले ओवर की मूल व्यवस्था बताते हैं।

यहां असली पेच अधूरे ओवर में आता है। 12.3 ओवर में कुल 75 रन बने हों, तो पहले 12 ओवरों की 72 गेंदों में 3 गेंद जोड़कर 75 गेंद निकालिए; 75 ÷ 6 = 12.5 ओवर। अब 75 ÷ 12.5 = 6 रन प्रति ओवर। यदि कोई सीधे 75 ÷ 12.3 करे, तो 6.10 आएगा और पूरा विश्लेषण गलत दिशा में चला जाएगा। सुनिए—यही वह हिस्सा है जो मायने रखता है: स्कोरकार्ड का 12.3 क्रिकेट की भाषा है, गणित की दशमलव भाषा नहीं।

रन रेट निकालने की सही प्रक्रिया

  1. कुल वैध रन लिखिए; अतिरिक्त रन भी इसमें शामिल होंगे।
  2. पूरे ओवरों को छह गेंदों से गुणा करके बची वैध गेंदें जोड़िए।
  3. कुल गेंदों को छह से विभाजित करके वास्तविक ओवर निकालिए।
  4. कुल रन को वास्तविक ओवरों से विभाजित कीजिए।
  5. जरूरत हो तो परिणाम को दो दशमलव तक लिखिए।

उदाहरण के लिए, चेन्नई सुपर किंग्स ने 17.4 ओवर में 156 रन बनाए। कुल गेंदें होंगी 17 × 6 + 4 = 106। वास्तविक ओवर 106 ÷ 6 = 17.6667 होंगे। इसलिए रन रेट 156 ÷ 17.6667 = 8.83 रन प्रति ओवर है। पुराने स्कोरकार्डों में औसत रन रेट का इस्तेमाल बारिश से बाधित मुकाबलों के लक्ष्य निर्धारण में किया जाता था, लेकिन 1991 में मोस्ट प्रोडक्टिव ओवर्स पद्धति ने उसका स्थान लेना शुरू किया और बाद में डकवर्थ-लुईस प्रणाली अधिक प्रभावी बनी।

2026 में रन रेट की गणना में क्या बदला?

2026 में सामान्य रन रेट का सूत्र नहीं बदला, लेकिन लाइव क्रिकेट देखने का तरीका जरूर बदल गया है। आईपीएल, आईसीसी टी20 विश्व कप और घरेलू प्रतियोगिताओं के डिजिटल स्कोरकार्ड अब वर्तमान रन रेट, आवश्यक रन रेट, साझेदारी की गति और जीत की संभावना साथ दिखाते हैं। फिर भी ये सभी संकेतक मूल गणित पर टिके हैं: कुल रन, वैध गेंदें और उपलब्ध समय। किसी ऐप पर 9.60 का रन रेट देखकर प्रभावित होने से पहले जांचिए कि टीम ने 10 पूरे ओवर खेले हैं या 9 ओवर और 3 गेंदें।

मान लीजिए भारत ने 20 ओवर में 108 रन बनाए और लक्ष्य 384 है। पहले 20 ओवर का रन रेट 108 ÷ 20 = 5.4 है। अब लक्ष्य तक पहुंचने के लिए 384 - 108 = 276 रन बाकी हैं, जबकि 50 ओवर की पारी में 30 ओवर शेष हैं। आवश्यक रन रेट 276 ÷ 30 = 9.2 रन प्रति ओवर होगा। यही वह उदाहरण है जो प्रतियोगी परीक्षाओं और क्रिकेट विश्लेषण दोनों में बार-बार आता है। यदि लक्ष्य में जीत के लिए एक अतिरिक्त रन जरूरी हो, तो लक्ष्य 385 और बाकी रन 277 माने जाएंगे।

एक और उपयोगी बात: वर्तमान रन रेट और आवश्यक रन रेट को मिलाकर मत देखिए। वर्तमान रन रेट बताता है कि टीम अब तक कितनी तेजी से बनी है; आवश्यक रन रेट बताता है कि अब आगे कितनी तेजी चाहिए। दोनों के बीच 3.8 रन का अंतर इस उदाहरण में मामूली नहीं, बल्कि पारी के जोखिम, बल्लेबाजी क्रम और गेंदबाजों की गुणवत्ता पर भारी दबाव है। आईपीएल में आवश्यक रन रेट समझने की उन्नत रणनीति इस अंतर को मैच परिस्थिति के साथ पढ़ने में मदद करेगी।

अब इस गणना को स्कोरबोर्ड पर तुरंत पहचानने का तरीका देखना चाहें, तो यह छोटा संदर्भ संभालकर रखें।

गणना सीखें

एक बल्लेबाज के पीछे डिजिटल स्क्रीन पर वर्तमान और आवश्यक रन रेट की तुलना दिखाती हुई रात की पिच

खिलाड़ियों के लिए रन रेट ने क्या बदला?

रन रेट खिलाड़ियों को यह तय करने में मदद करता है कि पारी को बचाना है, बढ़ाना है या तुरंत जोखिम लेना है। टी20 क्रिकेट में पावरप्ले के बाद 8.50 का वर्तमान रन रेट अच्छा दिख सकता है, लेकिन यदि लक्ष्य 220 है और 12 ओवरों में 150 रन बाकी हैं, तो आवश्यक रन रेट 12.50 होगा—यह अलग कहानी है। दूसरी ओर, 50 ओवर के मैच में 6.20 का रन रेट अक्सर स्थिर पारी का संकेत हो सकता है, खासकर जब विकेट हाथ में हों और गेंद पुरानी हो रही हो।

बल्लेबाजी को समझने के लिए रन रेट को विकेट और डॉट गेंदों के साथ पढ़िए। 10 ओवर में 80 रन और 4 विकेट का स्कोर, 10 ओवर में 80 रन और 1 विकेट के स्कोर से रणनीतिक रूप से बिल्कुल अलग है। पहले मामले में टीम का वर्तमान रन रेट 8 है, लेकिन निचला क्रम जल्दी आ सकता है; दूसरे में वही दर आगे 10 या 11 तक बढ़ सकती है। विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह और सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ियों के आंकड़े इसलिए सिर्फ रन या विकेट से नहीं समझे जाते—उनकी भूमिका, चरण और गेंदों की गुणवत्ता भी देखनी होती है।

यहां एक कम बताई जाने वाली व्यावहारिक बात है: आवश्यक रन रेट हर ओवर के बाद समान मात्रा से नहीं बदलता। यदि 30 ओवर में 276 रन चाहिए और बल्लेबाज केवल 6 रन बनाता है, तो अगली गणना 270 ÷ 29 = 9.31 होगी, यानी दर 9.2 से 9.31 पर जाती है। लेकिन 15 रन बनने पर यह 261 ÷ 29 = 9.00 रह जाएगी। इसलिए एक बड़ा ओवर केवल रन नहीं देता; वह समय का दबाव भी कम करता है। बल्लेबाजी साझेदारी और पावरप्ले आंकड़ों का विश्लेषण इस अंतर को गहराई से समझाता है।

मैच में रन रेट पढ़ने के तीन संकेत

  • वर्तमान रन रेट आवश्यक रन रेट से ऊपर है तो पीछा करने वाली टीम नियंत्रण में हो सकती है।
  • विकेट कम बचे हों तो समान रन रेट भी सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
  • डॉट गेंदों की लगातार श्रृंखला बाद के ओवरों में आवश्यक रन रेट को अचानक बढ़ा देती है।
  • बारिश की संभावना हो तो उपलब्ध ओवर और संशोधित लक्ष्य को अलग से जांचना जरूरी है।

क्या आप किसी पुराने स्कोरकार्ड को इसी तरीके से पढ़ना चाहते हैं? पहले गेंदों में बदलें, फिर दर निकालें—यही आदत सबसे अधिक गलतियां रोकती है।

स्कोर समझें

अब रन रेट को सही तरह कैसे समझें?

आज रन रेट को केवल भाग देने का सवाल समझना अधूरा है। इसे पारी के चरणों में बांटकर देखना अधिक उपयोगी है: पावरप्ले, मध्य ओवर और अंतिम ओवर। उदाहरण के लिए, आईपीएल में 6 ओवर के बाद 54 रन का रन रेट 9 है; लेकिन यदि 2 विकेट गिर चुके हैं, तो यह दर भविष्य की क्षमता की गारंटी नहीं देती। वहीं 42 रन और बिना विकेट का पावरप्ले आगे बड़ी पारी का आधार बन सकता है। मैच समीक्षा करते समय क्रिकेट प्रेमी वर्तमान रन रेट, आवश्यक रन रेट, विकेट, बचे ओवर और बल्लेबाजी क्रम को एक साथ रखता है।

बारिश वाले मैच में सामान्य सूत्र तब तक इस्तेमाल करें जब तक संशोधित लक्ष्य आधिकारिक रूप से घोषित न हो। डकवर्थ-लुईस-स्टर्न, जिसे डीएलएस भी कहा जाता है, केवल रन रेट को सीधा बढ़ाकर लक्ष्य नहीं बनाता; यह विकेट और शेष ओवरों को संसाधन मानकर गणना करता है। आईसीसी की खेल परिस्थितियों के अनुसार बारिश से बाधित मैचों में लक्ष्य और ओवरों का फैसला निर्धारित प्रक्रिया से होता है। पुरानी औसत रन रेट विधि अब ऐतिहासिक महत्व रखती है, पर आधुनिक अंतरराष्ट्रीय मैच में डीएलएस अधिक प्रासंगिक है।

एक विशेष स्थिति याद रखिए: यदि टीम ने 14.5 ओवर में 121 रन बनाए हैं, तो खेले गए ओवर 14.8333 होंगे, 14.5 नहीं। वर्तमान रन रेट 121 ÷ 14.8333 = 8.16 होगा। यदि लक्ष्य 190 है और 20 ओवर के मैच में 5.1 ओवर बाकी हैं, तो पहले शेष गेंदें 31 हैं, यानी 5.1667 ओवर; बचे 69 रन को 5.1667 से विभाजित करने पर आवश्यक रन रेट लगभग 13.35 आता है। यह वह छोटा किनारा है जिसे साधारण कैलकुलेटर और जल्दबाज विश्लेषक अक्सर छोड़ देते हैं।

बारिश के बाद मैदान पर अधिकारी संशोधित लक्ष्य और ओवरों की गणना करते हुए स्कोरबोर्ड देखते हैं

अगली तिमाही के लिए तीन अनुमान क्या हैं?

पहला अनुमान यह है कि 2026 में लाइव स्कोरिंग मंच वर्तमान रन रेट से आगे बढ़कर गेंद-दर-गेंद जोखिम सूचकांक दिखाएंगे। दूसरा, आईपीएल और टी20 लीगों में बल्लेबाजों का मूल्यांकन केवल स्ट्राइक रेट से नहीं, बल्कि आवश्यक रन रेट के दबाव में बनाए गए रन, डॉट गेंदों और विकेट-हानि के साथ किया जाएगा। तीसरा, प्रशंसक डीएलएस जैसे जटिल नियमों को सरल दृश्य रूप में देखेंगे, लेकिन आधिकारिक परिणाम के लिए आईसीसी और मैच अधिकारियों की गणना ही अंतिम मानी जाएगी।

मेरी अपनी कठोर राय है: रन रेट को भविष्यवाणी का अकेला आधार बनाना खराब विश्लेषण है। 12 रन प्रति ओवर की दर से खेल रही टीम भी हार सकती है, यदि उसके 7 विकेट गिर चुके हों और क्रीज पर निचला क्रम हो। इसके विपरीत 7.5 की दर वाली टीम जीत सकती है, यदि उसके पास 8 विकेट और 15 ओवर शेष हों। इसलिए अगले महीनों में बेहतर क्रिकेट विश्लेषण रन रेट को विकेट, बल्लेबाजी गहराई, गेंदबाजी मैचअप और मैदान की सीमा के साथ जोड़ेगा।

अंतिम जांच के लिए यह सूची उपयोगी है:

  1. क्या स्कोर में वाइड और नो-बॉल के रन शामिल हैं?
  2. क्या ओवर दशमलव के बजाय गेंदों में बदला गया है?
  3. क्या लक्ष्य में जीत का अतिरिक्त रन जोड़ा गया है?
  4. क्या बारिश के बाद डीएलएस संशोधन लागू हुआ है?
  5. क्या वर्तमान और आवश्यक रन रेट को अलग-अलग देखा गया है?

निष्कर्ष सीधा है: रन रेट निकालना आसान है, लेकिन उसे सही संदर्भ में समझना अनुभव मांगता है। पहले कुल रन और वैध गेंदें लिखिए, फिर वर्तमान या आवश्यक रन रेट निकालिए, और अंत में विकेट व मैच की परिस्थिति से परिणाम की पुष्टि कीजिए। क्रिकेट प्रेमी पर प्रकाशित मैच समीक्षा और खिलाड़ी आंकड़े पढ़ते समय यही तीन-स्तरीय तरीका आपको सतही संख्या से बचाएगा।

अगर आप अगली पारी में यह गणना बिना गलती के करना चाहते हैं, तो अभी से गेंदों में बदलने की आदत डालिए।

और अभ्यास करें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: क्रिकेट में रन रेट क्या होता है?

उत्तर: रन रेट किसी टीम द्वारा प्रति ओवर बनाए गए औसत रन को कहते हैं। इसका सूत्र कुल रन ÷ खेले गए वास्तविक ओवर है। उदाहरण के लिए, 20 ओवर में 108 रन का रन रेट 5.4 होगा। यदि स्कोर 12.3 ओवर पर दिया गया है, तो उसे 12 ओवर और 3 गेंद समझें; पहले 75 गेंदों को 12.5 ओवर में बदलना होगा। वाइड और नो-बॉल से बने अतिरिक्त रन कुल टीम स्कोर में शामिल होते हैं।

प्रश्न: क्रिकेट में रन रेट कैसे निकालें?

उत्तर: रन रेट निकालने के लिए कुल रन को वास्तविक खेले गए ओवरों से विभाजित करें। पूरे ओवरों के लिए सीधा भाग पर्याप्त है, लेकिन अधूरे ओवर में सूत्र लगाएं: कुल गेंदें ÷ 6 = वास्तविक ओवर। यदि टीम ने 16 ओवर और 4 गेंदों में 142 रन बनाए, तो कुल गेंदें 100 और वास्तविक ओवर 16.6667 होंगे; रन रेट लगभग 8.52 बनेगा। परिणाम को सामान्यतः दो दशमलव तक लिखना साफ रहता है।

प्रश्न: आवश्यक रन रेट और वर्तमान रन रेट में क्या अंतर है?

उत्तर: वर्तमान रन रेट अब तक की बल्लेबाजी की गति बताता है, जबकि आवश्यक रन रेट लक्ष्य हासिल करने के लिए आगे की जरूरी गति बताता है। उदाहरण के लिए, 384 के लक्ष्य में 20 ओवर बाद 108 रन होने पर वर्तमान दर 5.4 है, लेकिन 30 ओवर में 276 रन चाहिए, इसलिए आवश्यक दर 9.2 है। दोनों दरों के बीच अंतर पीछा करने वाली टीम पर दबाव का अच्छा संकेत देता है, पर विकेटों की संख्या को साथ देखना जरूरी है।

प्रश्न: 12.3 ओवर को रन रेट में कैसे बदलें?

उत्तर: 12.3 ओवर को 12.3 दशमलव ओवर न मानकर 12 ओवर और 3 गेंद समझें। कुल गेंदें 12 × 6 + 3 = 75 होंगी, इसलिए वास्तविक ओवर 75 ÷ 6 = 12.5 हैं। यदि इस अवधि में 75 रन बने हैं, तो रन रेट 75 ÷ 12.5 = 6 रन प्रति ओवर होगा। यह नियम 7.2, 18.5 और किसी भी अधूरे ओवर पर समान रूप से लागू होता है।

प्रश्न: बारिश वाले मैच में रन रेट से लक्ष्य कैसे निकाला जाता है?

उत्तर: बारिश से बाधित मैच में लक्ष्य आमतौर पर केवल साधारण रन रेट से नहीं, बल्कि डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धति से तय होता है। इस प्रणाली में शेष ओवर और बचे विकेट को टीम के उपलब्ध संसाधन माना जाता है। औसत रन रेट विधि ऐतिहासिक रूप से इस्तेमाल हुई थी, लेकिन 1991 के बाद मोस्ट प्रोडक्टिव ओवर्स और फिर डीएलएस अधिक प्रभावी बने। आधिकारिक संशोधित लक्ष्य स्कोरबोर्ड और मैच अधिकारियों से ही स्वीकार करें।

प्रश्न: क्या रन रेट और स्ट्राइक रेट एक ही होते हैं?

उत्तर: नहीं, रन रेट टीम या पारी के प्रति ओवर रन बताता है, जबकि स्ट्राइक रेट किसी बल्लेबाज के प्रति 100 गेंदों पर रन बताता है। 10 गेंदों में 20 रन बनाने वाले बल्लेबाज का स्ट्राइक रेट 200 होगा, लेकिन टीम का रन रेट पूरे ओवरों और सभी बल्लेबाजों के कुल रन से निकलेगा। दोनों आंकड़े साथ पढ़ने पर बल्लेबाजी की गति समझ आती है, फिर भी उनकी इकाइयां अलग हैं।

प्रश्न: रन रेट निकालते समय सबसे आम गलती क्या होती है?

उत्तर: सबसे आम गलती 13.2 ओवर को 13.2 पूरे ओवर मानकर भाग देना है। वास्तव में 13.2 का अर्थ 13 ओवर और 2 गेंद, यानी 80 गेंद या 13.3333 वास्तविक ओवर होता है। दूसरी गलतियां अतिरिक्त रन भूलना, लक्ष्य में जीत का एक रन न जोड़ना और डीएलएस लागू होने के बाद पुराने लक्ष्य से गणना करना हैं। हर बार पहले गेंदों की संख्या लिखने से ये गलतियां लगभग पूरी तरह रोकी जा सकती हैं।

§
इस विश्लेषण को साझा करें
X पर पोस्ट करें

पढ़ने के लिए धन्यवाद।

उन लोगों के लिए जो केवल रोमांच के लिए नहीं खेलते।

❦

क्रिकेट प्रेमी · The High-Stakes Editorial · No. 01

संबंधित लेख